जो पढ़ा, सोचा, लिखा वो हुआ एक ही रात मे।
FREEDOM FROM ALL EVILS, MISCONCEPTION, CONDITIONED LAYERS ON HUMAN MIND THROUGH HIS ENVIRONMENT AND SOCIETY.
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Sunday, January 9, 2022
रात में
मैं जानता हूं , कोई गहराई नही है मेरे प्यार में, मेरी बात में।
जवानी
जबा से नही दिल से कहता हू।
आज एक शेर मैं भी कहता हू।
जो शायरी हमेशा सुनता और कहता है।
वो शख्स हमेशा जवान रहता है।
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