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Saturday, November 25, 2017

प्रकृति के तीन नियम

****प्रकृति के तीन नियम****                                                 **प्रकृति  का पहला  नियम**
यदि खेत में  बीज न डालें जाएं  तो कुदरत  उसे घास-फूस  से  भर देती हैं ।
ठीक  उसी  तरह से  दिमाग  में सकारात्मक  विचार  न भरे  जाएँ  तो नकारात्मक  विचार  अपनी  जगह  बना ही लेती है । 🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼
**प्रकृति  का दूसरा  नियम**
जिसके  पास  जो होता है  वह वही बांटता  है।
सुखी "सुख  "बांटता है
दुःखी  "दुःख " बांटता  है
ज्ञानी "ज्ञान" बांटता है
भ्रमित  "भ्रम "बांटता है
भयभीत"  भय "बांटता   🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼                                     **प्रकृति  का तीसरा नियम**
आपको  जीवन से जो कुछ भी मिलें  उसे पचाना सीखो क्योंकि
भोजन  न पचने  पर रोग बढ़ते है।
पैसा न पचने  पर दिखावा बढ़ता है
बात  न पचने पर चुगली  बढ़ती है ।
प्रशंसा  न पचने पर  अंहकार  बढ़ता है।
निंदा  न पचने पर  दुश्मनी  बढ़ती है ।
राज न पचने पर  खतरा  बढ़ता है ।
दुःख  न पचने पर  निराशा बढ़ती है ।
और सुख न पचने पर  पाप बढ़ता है ।
बात  कड़वी है परंतु सत्य  है.... ओम् शांति

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